यिर्मयाह 33:3 (मुझे पुकारो और मैं उत्तर दूँगा)

 यिर्मयाह 33:3 बाइबल का एक प्रसिद्ध पद है, जिसमें परमेश्वर प्रार्थना के लिए आमंत्रण देता है और प्रतिज्ञा करता है: मुझ से पुकार कर, मैं तुझे उत्तर दूँगा, और बड़ी-बड़ी और गूढ़ बातें, जिन्हें तू अब तक नहीं जानता, तुझे बताऊँगा।

यह वचन यिर्मयाह को उस समय दिया गया था जब वह कारागार में था। यह कठिन परिस्थितियों में परमेश्वर की ओर से मार्गदर्शन, प्रकाशना और सहायता का आश्वासन देता है।

मुख्य विषय और अर्थ:

प्रार्थना का निमंत्रण: परमेश्वर लोगों को सीधे उसकी खोज करने के लिए बुलाता है, विशेषकर कठिन समय में।

उत्तर का वादा: यह दर्शाता है कि परमेश्वर सुलभ है और प्रार्थनाओं का उत्तर देने का वचन देता है।

अज्ञात का प्रकाशन:बड़ी और गूढ़ बातें” (याशक्तिशाली बातें”) उन छिपे हुए रहस्यों, दिव्य ज्ञान और भविष्य की आशीषों की ओर संकेत करती हैं, जो मानवीय समझ से परे हैं।

पुनर्स्थापना का संदर्भ: संदर्भ (यिर्मयाह 33:1-14) में, यह प्रतिज्ञा इस्राएल और यहूदा की बंदीगृह की अवस्था में पुनर्स्थापना के लिए भविष्यवक्ता को प्रोत्साहित करने हेतु दी गई थी।

यह पद हमें स्मरण दिलाता है कि जो लोग परमेश्वर को खोजते हैं, उन्हें वह सामर्थ, मार्गदर्शन और उत्तर प्रदान करता हैअक्सर ऐसे समाधान प्रकट करता है जो मानवीय समझ से परे होते हैं।

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