चाहे पहाड़ हिल जाएँ और पहाड़ियाँ हट जाएँ, फिर भी मेरा तुम्हारे प्रति अटूट प्रेम कभी नहीं डगमगाएगा..."* यशायाह 54:10

 *📖"चाहे पहाड़ हिल जाएँ और पहाड़ियाँ हट जाएँ, फिर भी मेरा तुम्हारे प्रति अटूट प्रेम कभी नहीं डगमगाएगा..."*

यशायाह 54:10


*🌋जब दुनिया हमारे पैरों तले हिल जाए, तब भी परमेश्वर का प्रेम अटल रहता है। इस वादे को आज ही अपनी आत्मा में स्थिर होने दें। चुनौतियों का सामना करते हुए, याद रखें कि उसका अटल प्रेम एक मज़बूत नींव है। पहाड़ भले ही ढह जाएँ, लेकिन उसकी वफादारी कायम रहती है।*


*🌋इस दिन का आनंद लें, यह जानते हुए कि आप यीशु की अनुग्रह की वाचा में सुरक्षित रूप से बंधे हुए हैं। उसके वादों में दृढ़ रहें, और उसके अटूट प्रेम को पूरे दिन आपके साहस और आशा को बढ़ावा देने दें।*

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