यीशु ने कहा "मैं उन्हें अनन्त जीवन देता"

यूहन्ना 10:28 में लिखा है, "मैं उन्हें अनन्त जीवन देता हूँ, और वे कभी नाश न होंगे; कोई उन्हें मेरे हाथ से छीन न लेगा।" 

यह आयत यीशु मसीह में विश्वासियों की सुरक्षा पर ज़ोर देती है, और इस बात पर ज़ोर देती है कि जो लोग उसका अनुसरण करते हैं उन्हें अनन्त जीवन दिया जाता है और वे खो जाने या छीन लिए जाने से सुरक्षित रहते हैं।

व्याख्या:
"मैं उन्हें अनन्त जीवन देता हूँ":
यह उन लोगों के लिए उद्धार के उपहार और परमेश्वर के साथ अनन्त जीवन के वादे को दर्शाता है जो यीशु में विश्वास करते हैं।

"वे कभी नाश न होंगे":
यह इस उपहार की स्थायित्व पर ज़ोर देता है, जिसका अर्थ है कि विश्वासियों को आध्यात्मिक मृत्यु या परमेश्वर से अलगाव का अनुभव नहीं होगा।

"कोई उन्हें मेरे हाथ से छीन न लेगा":
यह यीशु की देखभाल में विश्वासियों की सुरक्षा पर ज़ोर देता है। वह चरवाहा है, और उसकी भेड़ें उसकी सुरक्षा में हैं।
 "मेरा पिता, जिसने उन्हें मुझे दिया है, सब से बड़ा है, और कोई उन्हें पिता के हाथ से छीन नहीं सकता।":
यह पद, जो यूहन्ना 10:28 के बाद आता है, परमेश्वर पिता और यीशु मसीह की संयुक्त शक्ति और अधिकार पर ज़ोर देता है, और विश्वासियों की सुरक्षा को और पुष्ट करता है।

मुख्य बात: यूहन्ना 10:28 विश्वासियों को यह आश्वासन देता है कि उनका उद्धार मसीह के हाथों में सुरक्षित है, और वे अपने अनन्त जीवन को खोने से सुरक्षित हैं।

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